मौजूदा समय में मानव जाति के सामने अनेक परेशानियां सुरसा के मुंह की तरह मुंह बांए खङी है। आज हर मनुष्य किसी न किसी वजह से मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो चुका है । हर दिन बिगङते रिश्ते खत्म हो रहा व्यापार व सिमटता हुआ काम धंधा मानसिक अवसाद के मुख्य कारण है वहीं किशोरों में उनकी पढाई को लेकर हो रही देरी तथा सफलता पाने का ईंतजार उनको मानसिक अवसाद की और ले जा रहा है। पर हमें हर हाल में इस अवसाद से ऊपर उठना है और अपने रिश्तों को व स्वयं को बचाना है। समय की कठिनता से उपजा यह रोग कोई दीर्घकालीन नहीं है पर हमारे रिश्ते जन्म जन्मों के है जिनके बिना जीवन जीना मुश्किल है।आज आत्महत्या करने जैसी अनेक खबरें सुनने में आई है जो सिर्फ और सिर्फ इस समय की ही देन है। संकट के इस समय में कुछ ऐसी बातें है जिनके द्वारा हम कुछ हद तक अवसाद से छुटकारा पा सकते हैं।
- अपने परिवार का कोई सदस्य यदि असामान्य व्यवहार कर रहा है तो उसे पहचाने और उससे बात करने की कोशिश करें जिससे वो अपनी परेशानी बयां कर सकें
- यदि कोई सदस्य बात बात पर गुस्सा हो रहा है तो उससे भी बात करके उसके अंदर की परेशानी को जानने की चेष्टा करें।
- याद रखें केवल हम अपने सदस्य की समस्या का समाधान कर सकते हैं कोई डॉक्टर नहीं।
- ज्यादा समस्या दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ले और एक बार ईलाज शुरू करवाएं।
- ज्यादा से ज्यादा योग ध्यान और अपने ईष्ट के नजदीक रहने की कोशिश करें,याद रखें अध्यात्मिक बल बहुत शक्तिशाली होता है।
- हो सके तो थोङा बाहर घूमने की कोशिश करे और प्रकृति के नजदीक जाएं।यह बङा सुकून देती है।
- जो अपने मनपंसद काम है वो करने का प्रयास करें जैसे कि कोई खेल जिसमें आपकी रूचि हो या कोई ऐसा काम जो आपको सुकून देता हो।
- फालतू की अफवाह से बचें ।

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